साहस और विवेक




साहस बिना विवेक का,
है बस बेवजह का कदम।
विवेक ही देता है दिशा,
कभी भी वह नहीं होता कम।

कभी संकोच भी ताकत है,
जब संयम और सटीकता हो साथ।
वो समय की सटीकता ही है,
जो सबसे बड़े साहस को कर दे मात।




आधी-अधूरी आरज़ू

मैं दिखती हूँ, तू देखता है, तेरी प्यास ही मेरे श्रृंगार की राह बनती है। मैं संवरती हूँ, तू तड़पता है, तेरी तृष्णा ही मेरी पहचान गढ़ती है। मै...