हवा से सीख



हवा की सरगम को सुन, ये कहानियाँ सुनाती है,  
खामोशी की गहराई में, सच्चाई बयां होती है। 

जो शोर में नहीं मिलता, वो मौन की बात में है,
दिल की धड़कनों में छुपा, हर उत्तर साथ में है।

हवा से सीख, वो बहती है बेफिक्र होकर,
खामोशी से सीख, वो सिखाती है गहरे उतरकर।

दिल से पूछ, वो जानता है हर राह का इशारा, 
तेरी मंज़िल वहीं है, जहाँ है दिल का सहारा।

ये दुनिया बोलती है, बस सुनने का हुनर चाहिए,
दिल की बातों में, तुझे खुद से मुलाकात चाहिए।  


आधी-अधूरी आरज़ू

मैं दिखती हूँ, तू देखता है, तेरी प्यास ही मेरे श्रृंगार की राह बनती है। मैं संवरती हूँ, तू तड़पता है, तेरी तृष्णा ही मेरी पहचान गढ़ती है। मै...