अनंत सफर 3

आगे बढ़ते हुए, नई दिशा की ओर,
चलने की राह में, मेरा मन है बेकाब।

सिखता हूं मैं, हर कदम पर नया कुछ,
अपने अंतर को, खोजते हुए, खोजता हूं।

शब्दों की मधुरता में, गहराई है एक अलग,
हिंदी और इंग्लिश, संगीत हैं ये संग।

अनमोल हैं सपने, जो मेरे दिल में बसे,
हीरे से कोयला, और कोयले से हीरा, जितने महल बसे।

चलने की धारा में, नई दिशा की ओर,
जागरूक हूं, सपनों की ओर, नवीन मार्ग जो।

जीवन की रोशनी, हर पल नया सवेरा,
बस चलता हूं, बस बढ़ता हूं, नई राहों में जो मैं हूं बहता।

आधी-अधूरी आरज़ू

मैं दिखती हूँ, तू देखता है, तेरी प्यास ही मेरे श्रृंगार की राह बनती है। मैं संवरती हूँ, तू तड़पता है, तेरी तृष्णा ही मेरी पहचान गढ़ती है। मै...