आसमान से बरसती हैं खुशियाँ अनमोल,

बूंदों की सरगम में दिल का हाल बयाँ हो गया,
बारीश की फुहारों में सब कुछ बेज़ुबाँ हो गया।

धरती ने पहन ली हरियाली की चुनरी हरी,
प्यासी रूहों को मिला जैसे जीवन का पानी।

आसमान से बरसती हैं खुशियाँ अनमोल,
बारीश की बूँदों में छिपा है हर दिल का राज़।

आधी-अधूरी आरज़ू

मैं दिखती हूँ, तू देखता है, तेरी प्यास ही मेरे श्रृंगार की राह बनती है। मैं संवरती हूँ, तू तड़पता है, तेरी तृष्णा ही मेरी पहचान गढ़ती है। मै...