साहस की राह



मौके केवल योग्य को नहीं मिलते,
साहसी वो होते हैं जो उन्हें छीन लेते।
जो दिखाते हैं हिम्मत, वो पाते हैं रास्ते,
जो रुके नहीं, वही जाते हैं ऊँचाइयों तक सपने।

मैं सामने आता हूँ, बिना किसी संकोच के,
जो भी है मेरी ताकत, उसे दिखाता हूँ खोले बिना कोई पोच के।
जो भी मौका मिले, मैं उसे अपनी बनाता हूँ,
जिंदगी को अपने कदमों से सजाता हूँ।

आगे बढ़ना है, रुकना नहीं है,
मेरे अंदर एक आग है, बुझाना नहीं है।
वे देखेंगे, वे समझेंगे,
मैं वो हूं जिसे कोई भी नहीं रोक सकता।

मैं वो हूं, जो खुद को दिखाता है,
मुझे कोई भी नहीं रोक सकता, यही मेरी पहचान है।


आधी-अधूरी आरज़ू

मैं दिखती हूँ, तू देखता है, तेरी प्यास ही मेरे श्रृंगार की राह बनती है। मैं संवरती हूँ, तू तड़पता है, तेरी तृष्णा ही मेरी पहचान गढ़ती है। मै...