खोज में हूं,

चल रहा हूं, नयी दिशा की ओर,
खोज में हूं, अपने सपनों की मंजिल की तलाश में।

गलतियों के साथ, सीखता हूं मैं,
हर कदम पर, नई चुनौतियों को आगे बढ़ाने में।

धीरे-धीरे समझता हूं, जीवन की गहराई,
नई दिशाओं की ओर, मेरा मन उत्साहित है।

जाने में ही रहता हूं, बस में ही रहता हूं,
अपने सपनों को पूरा करता, हर पल, हर दिन।

हिंदी की मिठास, इंग्लिश की गहराई,
अपने भाषाओं का संगम, मेरे मन की खोज में।

खोजता हूं, हीरे की मोहताजी को,
बस उसके अनमोली खोज में हूं खोया।

दिल की आरजू, जगने लगी है रोशनी,
नई दिशा की ओर, बढ़ रहा है मेरा मनी।

सपनों की उड़ान, अपने पंखों से फैलाऊं,
हर कदम पर, नयी राह को चुनूं।

आधी-अधूरी आरज़ू

मैं दिखती हूँ, तू देखता है, तेरी प्यास ही मेरे श्रृंगार की राह बनती है। मैं संवरती हूँ, तू तड़पता है, तेरी तृष्णा ही मेरी पहचान गढ़ती है। मै...