मृत स्थिति




कभी न थामो उस स्थिति को,
जो खुद मरने को है तैयार।
तोड़ो उस बंधन को,
जो तुम्हें गिरने का कर रहा है इरादा बार-बार।

जीवन में हर पल नई राह है,
जहाँ नये अवसर हैं खुलते हर दिन।
मृत परिस्थितियाँ नहीं समझतीं,
जो आगे बढ़ने का दिखातीं न कोई भी रंगिन।

कुछ चीज़ें चली जाती हैं, यह स्वाभाविक है,
समझो, छोड़ देना चाहिए वो चीज़ें।
कभी न चिपको उस मरे हुए रास्ते से,
जो तुम्हें जकड़े रखे, और कभी न मिलें।

हर नई शुरुआत में छिपा होता है एक सार,
आगे बढ़ो, छोड़ो पीछे का असार।
सच यह है, कभी मत रहो,
एक मरी हुई स्थिति के साथ।


आधी-अधूरी आरज़ू

मैं दिखती हूँ, तू देखता है, तेरी प्यास ही मेरे श्रृंगार की राह बनती है। मैं संवरती हूँ, तू तड़पता है, तेरी तृष्णा ही मेरी पहचान गढ़ती है। मै...