खामोशी में बसी मेरी खुद की कहानिया।

पहाड़ों की ऊंचाइयों में छुपी शांति की छाया,
वहाँ की खामोशी में बसी मेरी खुद की कहानिया।

प्राकृतिक सौंदर्य से भरी वह अनंत खोज,
पहाड़ों की चोटियों पर बसा हर सपना, हर विचार।

चलना है ऊपर, पहाड़ों के शिखरों तक,
साहस और संघर्ष से भरी है यह खोज की राह।

पहाड़ी जीवन की एक अलग सी धारा,
वहाँ मिलता है स्वतंत्रता का अनुभव, विश्राम का साथ।

पहाड़ों की गोद में छिपी हर राज़, हर रहस्य,
मेरी दुनिया है पहाड़ों की छाँव में छिपी कहानियों की ज्यों चिराग़।

आधी-अधूरी आरज़ू

मैं दिखती हूँ, तू देखता है, तेरी प्यास ही मेरे श्रृंगार की राह बनती है। मैं संवरती हूँ, तू तड़पता है, तेरी तृष्णा ही मेरी पहचान गढ़ती है। मै...