The Weeping"— इंतज़ार के काबिल!

अजेय

पागलपन? ✔
संघर्ष? ✔
दृढ़ निश्चय? ✔
लगन? ✔
अटूट विश्वास? ✔

हर मोड़ पर गिरा, फिर उठा,
हर न कहने वाले को सुना,
फिर भी आगे बढ़ता रहा,
क्योंकि मेरा सपना मुझसे बड़ा था।

कोई भी दीवार रोक नहीं सकती,
कोई भी संदेह तोड़ नहीं सकता,
मैं बना हूँ असंभव को संभव करने,
मैं आया हूँ जीत लिखने।

पहली फ़ीचर— बस आने को है,
एक नई गूंज, एक नया सफर।
कहानी जो दिल दहला देगी,
कहानी जो इतिहास बना देगी।

"

फल की चाह में तपस्या की थी बरसों तक,

त्याग तपस्या की राहों में गुजारी थी जिंदगी,
ख्वाबों की चादर ओढ़े चल रहा था मैं।

हर कदम पे कांटे थे, हर मोड़ पर मुश्किलें,
फिर भी हौंसले की रौशनी में जल रहा था मैं।

माना कि मंजिलें अब भी दूर हैं मुझसे,
पर न हार मानूंगा, ये वादा कर रहा था मैं।

फल की चाह में तपस्या की थी बरसों तक,
अब भी उम्मीदों के बाग में फल रहा था मैं।

आधी-अधूरी आरज़ू

मैं दिखती हूँ, तू देखता है, तेरी प्यास ही मेरे श्रृंगार की राह बनती है। मैं संवरती हूँ, तू तड़पता है, तेरी तृष्णा ही मेरी पहचान गढ़ती है। मै...