नैतिकता की राह पर, जीत हमारी है।
मजबूरियों के संघर्ष से उभरता है निर्णय,
आदतों की बदली दिशा, सच्चाई की पहचान।
हर फैसले का परिणाम, अपने अंतर की युद्ध,
खुद के साथ खड़ा, बनता है हमारा मुकाबला।
मैं दिखती हूँ, तू देखता है, तेरी प्यास ही मेरे श्रृंगार की राह बनती है। मैं संवरती हूँ, तू तड़पता है, तेरी तृष्णा ही मेरी पहचान गढ़ती है। मै...