सूरज की किरणों के साथ,अपने सपनों को जगाना होगा।

धूप में जलते सूरज के साथ,
खो जाता है गम का हारा सफर।
आँखों में आंसू छुपाना होगा,
मन में सुकून का अपना इन्तजार।

जीवन की लहरों में बहते,
दर्द के साथ राह चलना होगा।
हर रोज़ की चुनौतियों से,
अपने आप को सामना ही होगा।

सूरज की किरणों के साथ,
अपने सपनों को जगाना होगा।
गम के बाद सुख का सागर,
नई उम्मीदों की ओर बढ़ना होगा।

सूरज ने ढक लिया अपना चेहरा,चाँदनी भी ने किया गहरा सवेरा।

सूरज ने ढक लिया अपना चेहरा,
चाँदनी भी ने किया गहरा सवेरा।

धूप में जलती है मन की प्यास,
बरसात में बहती है आँसू की नदी।

यादें जलती हैं सूरज की तपिश में,
कभी दर्द की चादर में, कभी तन्हाई की रात में।

सूरज यारा, तू गम का हारा,
मुझे तो जाना ही होगा, इस राह पर अकेला तेरा।

इस राह पर अकेला

सूरज ने ढक लिया अपना चेहरा,
चाँदनी भी ने किया गहरा सवेरा।

धूप में जलती है मन की प्यास,
बरसात में बहती है आँसू की नदी।

यादें जलती हैं सूरज की तपिश में,
कभी दर्द की चादर में, कभी तन्हाई की रात में।

सूरज यारा, तू गम का हारा,
मुझे तो जाना ही होगा, इस राह पर अकेला तेरा।

आधी-अधूरी आरज़ू

मैं दिखती हूँ, तू देखता है, तेरी प्यास ही मेरे श्रृंगार की राह बनती है। मैं संवरती हूँ, तू तड़पता है, तेरी तृष्णा ही मेरी पहचान गढ़ती है। मै...