बस तुम हो मेरे

नहीं कोई और है, बस तुम हो मेरे,
जैसे चाँदनी रात में, चाँद की ज्योति हो।
तुम्हारे बिना, ये जीवन अधूरा है,
जैसे बिन धड़कन के, ये दिल अकेला हो।

तुम्हारी मुस्कान में, मेरी खुशी का संसार है,
तुम्हारी बातों में, मेरा पूरा दिन बहार है।
तुम्हारी आँखों में, बसी है मेरी दुनिया,
तुम्हारी सच्चाई में, हर झूठ का पराभव है।

साथ तुम्हारे, हर पल में है मिठास,
तुम्हारे बिना, हर दिन होता है निराश।
तुम्हारे साथ की है जो अनमोल पहचान,
नहीं किसी और में, वो अद्भुत सी शान।

तुम ही हो वो, जो मेरी रूह में बसी हो,
तुम ही हो वो, जो मेरी सांसों में रमी हो।
तुम्हारे बिना, कोई और नहीं होता,
तुम ही हो मेरे, मेरे जीवन की रोशनी हो।

No comments:

Post a Comment

Thanks

आधी-अधूरी आरज़ू

मैं दिखती हूँ, तू देखता है, तेरी प्यास ही मेरे श्रृंगार की राह बनती है। मैं संवरती हूँ, तू तड़पता है, तेरी तृष्णा ही मेरी पहचान गढ़ती है। मै...